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Wednesday, May 12, 2021

लॉकडाउन व कोरोना महामारी से प्रतिदिन 50 से 70 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित - Hindustan हिंदी

बेगूसराय। निज संवाददाता

कोरोना महामारी की दूसरी लहर से समाज के सभी लोगों की जिंदगी पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गयी है। सबसे ज्यादा प्रभावित व्यवसायी वर्ग हो रहा है। इनका व्यवसाय पूरी तरह चौपट हो चुका है।

दुकान और प्रतिष्ठान बंद रहने के कारण इनलोगों की आर्थिक स्थिति खराब हो गयी है। इसका बुरा प्रभाव अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। व्यवसाय नहीं होने से सरकार को भी राजस्व का घाटा हो रहा है। अनुमान के मुताबिक लॉकडाउन के कारण जिले में प्रतिदिन 50 से 70 करोड़ रुपये के व्यवसाय का नुकसान हो रहा है जिसमें ऑटो मोबाइल, कपड़े, आभूषण व्यवसाय, सहित 40 से ज्यादा व्यवसाय शामिल है। आभूषण व्यवसाय 50 लाख से एक करोड़ का नुकसान प्रतिदिन बताया जा रहा है। लॉकडाउन के कारण यह व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हुए है।

800 बड़े व्यपारियों का कामकाज है ठप

जीएसटी विभाग की मानें तो जिले में ऐसे तो बहुत व्यापारी और व्यवसायी है लेकिन कुल 800 बड़े व्यापारी हैं जिनका व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। जीएसटी विभाग के अनुसार 300 ऐसे व्यापारी हैं जिनका व्यवसाय टर्नओवर 5 करोड़ से ज्यादा है। जो सरकार को करोड़ों रूपये टैक्स के रूप में देते है। इसके बाद 500 ऐसे व्यापारी हैं जिनका व्यवसाय एक से तीन करोड़ के बीच है। ये भी लाखों रुपये सरकार को टैक्स के रूप में देते हैं। ये सारे व्यवसायी पूरी तरह प्रभावित हुए हैं। इनका ट्रांजेक्शन पूरी तरह बन्द है। इसके अलावा हजारों की संख्या में छोटे-छोटे खुदरा व्यवसायी हैं जिनका ट्रंजेक्शन 40 लाख से नीचे है। इनका व्यवसाय भी चौपट हो गया है। कुल मिलाकर कर कहा जाए तो 50 से 70 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन का नुकसान व्यवसायियों को हो रहा है।

दुकान या प्रतिष्ठान बन्द होने से बेरोजगारी बढ़ी

दुकान या प्रतिष्ठान बन्द होने का प्रभाव व्यवसायी और उसके स्टाफ की जिंदगी पर भी पड़ा है। रोजगार की बात करे तो 5000 से 7000 व्यवसायी या उसपर आश्रित स्टाफ या अन्य लोग इस लॉकडाउन से पूरी तरह आर्थिक रूप से टूट गए हैं। वहीं सोना चांदी कारीगर भी लॉकडाउन में भूखे मरने के कगार पर आ गए हैं। लगभग 2000 स्वर्ण कारीगरों के पास काम का अभाव हो गया है। जहां ये विगत महीने प्रतिदिन 3000 से 4000 प्रतिदिन का ट्रांजेक्शन कर लेते थे उनके सामने अब खाने के भी लाले पड़े है। सरकार काफी कम मात्रा में गरीबों को अनाज देकर अपना पिंड छुड़ा रही है। 500 आभूषण विक्रेता हैं जिनमें लगभग 1000 से 1500 परिवार सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हो रहे है।

कहते हैं व्यवसायी

लॉकडाउन और कोरोना महामारी के कारण व्यवसाय की स्थिति काफी खराब हो गयी है। व्यवसाय हो नहीं रह गया है। घर बैठकर स्टाफ को पेमेंट देना पड़ रहा है जबकि सरकार के तरफ से अब तक कोई रियायत नहीं मिली है जो दुभाग्यपूर्ण है। सरकार को कुछ सब्सिडी या व्याज और कर्ज माफी व्यवसायियों को देनी चाहिए।

अजीत गौतम, महासचिव, जिला व्यवसायी महासंघ

व्यवसाय तो पूरी तरह चौपट हो ही गया है। लगभग 50 से 70 करोड़ रुपये का ट्रंजेक्शन प्रभावित हो रहा है लेकिन कोई विकल्प नहीं है। हम लोग सरकार के साथ है। दिक्कत तो बहुत है पर क्या करे सरकार जैसा आदेश करेगी देश हित में हम करेंगे।

प्रकाश टिबड़ेवाल, अध्यक्ष, चेंबर ऑफ कॉमर्स

50 लाख से एक करोड़ प्रतिदिन ट्रांजेक्शन का नुकसान इस कोरोना महामारी के कारण हो रहा है। 500 से ज्यादा दुकानदार इससे प्रभावित हैं। व्यवसाय शून्य हो गया है। सरकार को ब्याज या कर्ज माफी करनी चाहिए।

शम्भू सोनी, अध्यक्ष बुलियन एसोसिएशन

हम आभूषण कारीगरों की स्थिति काफी दयनीय हो गयी है। काम बंद होने से जिले के 2000 कारीगर प्रभावित हैं। लगभग एक करोड़ का ट्रंजेक्शन प्रभावित हो रहा है।

श्याम सुंदर सोनी, अध्यक्ष, सोना चांदी कारीगर संघ

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