
समस्तीपुर । कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन का प्रभाव वैसे तो सभी प्रकार के व्यवसाय पर कमोवेश पड़ा है, लेकिन स्वर्ण व्यवसायियों को इसकी मार अधिक झेलनी पड़ रही है। इसका एक मुख्य कारण है लगातार दूसरे वर्ष भी अक्षय तृतीया के दिन व्यवसाय पर लॉकडाउन का पहरा लगा रहना। बताते चलें कि इस तिथि को सोना खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ दिन मानते हुए सक्षम लोग निश्चित रूप से खरीदारी करते हैं। कोरोना काल से पूर्व के वर्षों में इस तिथि के एक सप्ताह पहले से ही आभूषण मंडी में चहल- पहल दिखने लगती थी। अधिकांश दुकानों पर स्वर्ण आभूषण की बुकिग कराने के लिए ग्राहकों की कतार लगी रहती थी। स्वर्ण व्यवसायियों की मानें तो इस तिथि को सर्राफा बाजार में एक करोड़ से अधिक का कारोबार होता था। लेकिन लगातार दो वर्षों से स्वर्ण व्यवसाई कोरोना की मार झेल रहे हैं। छोटा बाजार होने के कारण ऑनलाइन खरीदारी का सिस्टम भी काफी कमजोर है। अधिकतम 10 प्रतिशत बुकिग इस सिस्टम से होने की बात बताते हुए कहते हैं कि आभूषण की आपूर्ति लॉकडाउन हटने के बाद ही किया जा सकता है। कहते हैं व्यवसायी लगातार दो वर्षों से अक्षय तृतीया पर लॉकडाउन रहने के कारण करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। बड़े शहरों से सोना का आवक बंद रहने के कारण चाह कर भी व्यवसाई द्वारा ग्राहकों को घर तक आभूषण पहुंचाना संभव नहीं है। गिने-चुने लोगों द्वारा ऑनलाइन बुकिग कराई गई है। उनकी भी आपूर्ति लॉकडाउन समाप्ति के बाद ही हो सकता है। कोरोना काल का सर्वाधिक मार सर्राफा बाजार पर पड़ा है। बावजूद सर्राफा व्यवसाई सरकार के गाइडलाइन का शत-प्रतिशत पालन करने को प्रतिबद्ध हैं।
मनोज कुमार ठाकुर, सचिव
सर्राफा व्यवसायी संघ,रोसड़ा
--------------- कहते हैं पंडित न माधव समो मासो, न कृतेन युगं समम् च वेद समं शास्त्रं, न तीर्थ गंगयां समम्।।
वैशाख के सामान कोई मास नहीं और अक्षय तृतीया के समान कोई तिथि नहीं है। इस दिन सोना खरीदने से उसका क्षय नहीं होता है। बल्कि पीढि़यों तक बढ़ता जाता है। वैसे तो स्वर्ण खरीदने की ही प्रधानता दी गई है, लेकिन उसकी जगह कोई भी बहुमूल्य वस्तु इस महत्वपूर्ण तिथि को क्रय किया जा सकता है। आज के दिन जुटाए गए भौतिक संसाधन हमेशा के लिए बने रहते हैं। अक्षय तृतीया को मां लक्ष्मी की पूजा होती है और इस दिन नया व्यापार प्रारंभ करना भी काफी फलदाई होता है।
पंडित अरूण कुमार मिश्र, रोसड़ा
-----------------------------
कहती हैं महिलाएं
दशकों से अक्षय तृतीया के दिन निश्चित रूप से स्वर्ण आभूषण की खरीदारी करते आए हैं। लेकिन विगत दो वर्षों से इस विशिष्ट तिथि को लॉकडाउन रहने के कारण आभूषण नहीं खरीद पा रहे हैं। पंडित जी के विचार से विकल्प के साथ विधि- विधान से पूजा अर्चना ही करते हैं।
शोभा सिंह, शारदा नगर, रोसड़ा
--------------- प्रत्येक वर्ष अक्षय तृतीया पर निश्चित रूप से स्वर्ण आभूषण की खरीददारी करती हूं। विगत वर्ष लॉकडाउन रहने के बावजूद विशेष आग्रह करने पर संपर्क के एक स्वर्णकार द्वारा एक छोटा आभूषण उपलब्ध करा दिया गया था। लेकिन इस वर्ष वह भी संभव नहीं हो सका है। ऑनलाइन बुकिग कराई हूं।
श्वेता झा, वार्ड नंबर- 06, रोसड़ा।
शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
स्वर्ण व्यवसाय पर कोरोना का लगा ग्रहण, लॉकडाउन का पहरा - दैनिक जागरण
Read More
No comments:
Post a Comment