Publish Date: | Mon, 10 May 2021 06:18 PM (IST)
झाबुआ (नईदुनिया प्रतिनिधि)। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी कोरोना का साया अक्षय तृतीया पर होने वाले आयोजनों पर पड़ा है। पिछले वर्ष प्रशासन द्वारा वैवाहिक कार्यक्रमों में 10-10 लोगों को शामिल होने की छूट दी गई थी, लेकिन इस वर्ष पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिले में करीब 150 विवाह अक्षय तृतीया यानी शुक्रवार को होना थे। वर-वधू पक्षों ने कोरोना संक्रमण के कारण लगे प्रतिबंध के बाद सारी बुकिंग निरस्त कर दी है। उधर आयोजन निरस्त होने के कारण करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ है। अक्षय तृतीया पर बिना मुहूर्त के आयेजन होते हैं। सारे आयोजन निरस्त कर दिए गए हैं। कई वर व वधू पक्षों ने आगे की तारीखें बुक कराई हैं।
अक्षय तृतीया पर जिलेभर में वैवाहिक कार्यक्रम जमकर प्रतिवर्ष होते हैं। मान्यता के अनुसार इस दिन शुभ समय देखने की जरूरत नहीं पड़ती। पूरा दिन शुभ होने से वैवाहिक आयोजन किसी भी समय किए जा सकते हैं। कोरोना संक्रमण के कारण 31 मई तक वैवाहिक कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे में वैवाहिक कार्यक्रम करने वालों के समक्ष समस्या बनी हुई है। 22 अप्रैल से 31 मई के बीच 250 से अधिक वैवाहिक कार्यक्रम शहरी क्षेत्रों में होना थे, जो या तो निरस्त कर दिए गए या आगे बढ़ा दिए गए।
जिलेभर के आयोजन निरस्त
- 35-40 जिलेभर में मैरिज गार्डन
- 22 अप्रैल से शुरू होना थे वैवाहिक आयोजन
- 16 अप्रैल की शाम से जिले में लगाया गया कोरोना कर्फ्यू
- 150 के करीब वैवाहिक आयोजन अक्षय तृतीया पर होना थे
- 250-300 आयोजन 22 अप्रैल से अब तक निरस्त हुए
- 10-15 लाख रुपये का खर्चा आता है एक वैवाहिक कार्यक्रम में
इन व्यवसायों पर पड़ा साया
- मैरिज गार्डन व्यवसाय पर अधिक असर
- सोना-चांदी व्यवसाय पर भी प्रभाव
- बैंड व्यवसायी दो वर्षों से खाली बैठे
- किराना व्यवसाय पर भी प्रभाव
- अन्य व्यवसाय भी प्रभावित
नुकसान ही नुकसान
- 20 से 25 करोड़ गार्डन व्यवसाय
- 10 से 15 करोड़ सोना-चांदी व्यवसाय
- 2 से 5 करोड़ बैंड व घोड़ी व्यवसाय
- 4 से 5 करोड़ किराना व्यवसाय
- 5 से 10 करोड़ का अन्य व्यवसाय
2 वर्षों से हो रहा घाटा
- गार्डन व्यवसायी नीरजसिंह राठौर का कहना है कि पिछले वर्ष भी कोरोना संक्रमण के कारण 10-10 लोगों को शामिल करते हुए वैवाहिक आयोजनों पर छूट दी गई थी, लेकिन इस वर्ष तो पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। अक्षय तृतीया पर जिलेभर में 150 आयोजन होना थे, जो लगभग निरस्त कर दिए गए हैं। 22 अप्रैल से 31 मई के बीच 250-300 वैवाहिक आयोजन होना थे। वे भी निरस्त हो चुके हैं। कई आयोजकों ने आगे की तारीख बुक करवाई है। आयोजन निरस्त होने से व्यापारियों को घाटा हो रहा है।
- ज्वैलर्स व्यवसायी कमलेश सोनी का कहना है कि कोरोना का साया सोना-चांदी के व्यवसाय पर भी पड़ा है। पिछले दो वर्षों से ये व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। इस वर्ष काफी उम्मीदें थीं, लेकिन संकमण के कारण लोगों ने आयोजन या तो निरस्त कर दिए या आगे बढ़ा दिए। एक वैवाहिक कार्यक्रम में 10 से 15 लाख रुपये का खर्च आता है। आयोजन निरस्त होने से लगभग सभी व्यवसाय पर फर्क पड़ा है।
- बैंड व्यवसायी जगदीश पंवार का कहना है कि पिछले दो वर्षों से बैंड वाले तो खाली ही बैठे हैं। 22 अप्रैल से शादियां प्रारंभ होना थीं, लेकिन संकमण के कारण लगे प्रतिबंध के कारण और अधिक दिक्कतें आ गईं।
Posted By: Nai Dunia News Network
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झाबुआ : अक्षय तृतीया पर छाया कोरोना का साया - Nai Dunia
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