
हल्द्वानी: पहाड़ों में इस साल भी पर्यटन व्यवसाय पटरी से उतर चुका है. इस समय पर्यटन को अपने चरम पर होना चाहिए था लेकिन कोविड के चलते पर्यटन कारोबार घाटे की तरफ जा चुका है. पर्यटन कारोबारियों के मुताबिक इस साल पर्यटन कारोबार से जुड़ी उम्मीदें टूट गई हैं. अब मानसून शुरू होने वाला है लिहाजा पर्यटन कारोबार का उठना मुश्किल लग रहा है.
संकट में है पर्यटन कारोबार
होटल, रिसोर्ट कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल, मई और जून तीनों महीनों में पर्यटन का कारोबार अपने चरम पर रहता था. लेकिन, पहाड़ों में जैसे सब कुछ थम सा गया है. ये वाला सीजन गया तो पर्यटन कारोबार के लिहाज से कुछ नहीं बचता. उम्मीद की जा रही थी की पिछले साल के नुकसान की भरपाई इस साल के पर्यटन व्यवसाय से हो पाएगी लेकिन पर्यटन कारोबार पर जैसे संकट के बादल छा गए हैं.
कारोबारियों को हुआ नुकसान
हकीकत ये है कि जो लोग पर्यटन कारोबार पर ही निर्भर रहते थे उनको खासा नुकसान हुआ है. सरकार को होटल, रिसोर्ट कारोबारियों को बिजली के बिल में छूट, टैक्स में छूट देने पर विचार करना चाहिए. क्योंकि, जब सीजन ही ठप हो गया हो तो कारोबारी बिल की भरपाई कहां से करें. लिहाजा, सरकार को होटल, रेसोर्ट कारोबारियों की आर्थिक तौर पर सहायता करनी चाहिए.
राहत देने पर विचार कर सकती है सरकार
नैनीताल से सांसद अजय भट्ट ने कहा कि पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत देने के लिहाज से सरकार विचार कर सकती है. लेकिन, सरकार के भी अपने आर्थिक संसाधन हैं, जो व्यवसाय से जुड़े हुए हैं. जिससे सरकार को भी आर्थिक तौर पर नुकसान हुआ है. लेकिन, जैसे ही कोविड-19 की रफ्तार कम होती चली जाएगी पर्यटन व्यवसाय फिर आगे बढ़ता हुआ नजर आएगा.
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