
रांची, [दिलीप कुमार]। लेवी की रकम से नक्सली लाखों-करोड़ों रुपये की संपत्ति खड़ी कर चुके हैं। वह अपने स्वजनों के माध्यम से कई उद्योग व व्यवसाय में भी पैसे निवेश कर रहे हैं। उनके आलीशान मकान और महंगे रहन-सहन की खबरें अक्सर सामने आती रहती हैं। पुलिस ने हाल के वर्षों में कई नक्सलियों की संपत्ति जब्त भी की है। चतरा में एनआइए ने उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के उग्रवादी गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ ब्रजेश गंझू की एक ऐसी ही संपत्ति को चिन्हित किया है।
चतरा जिले के लावालौंग में इस नक्सली ने कोयला कारोबारियों से वसूली गई लेवी की रकम से 245 डिसमिल जमीन खरीदी है। इस जमीन पर उग्रवादी की पत्नी चंपा देवी के नाम पर निजी इंटर कालेज चल रहा है। एनआइए ने कालेज को सील कर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। एनआइए ने गृह विभाग को दी गई जानकारी में कहा है कि उक्त जमीन पर नक्सली की पत्नी 11 वर्षों से कालेज का संचालन कर रही है। कालेज को मान्यता नहीं मिली है, लेकिन विद्यार्थी यहां पढ़ते हैं।
कमेटी बनाकर कोयला कारोबारियों से लेवी वसूल रहे थे नक्सली
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 16 फरवरी 2018 को चतरा के टंडवा में उग्रवादियों द्वारा कमेटी बनाकर की जा रही लेवी वसूली मामले का अनुसंधान शुरू किया था। एनआइए ने गृह विभाग को बताया है कि चतरा जिले के टंडवा थाने में 11 जनवरी 2016 नक्सल व आर्म्स एक्ट में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि क्षेत्र में सीसीएल की आम्रपाली व मगध कोयला परियोजना में उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के सहयोग से एक स्थानीय ग्रुप ठेकेदार, ट्रांसपोर्टर और व्यवसायियों से लेवी वसूलता है।
इनमें टीएसपीसी के गोपाल सिंह भोक्ता उर्फ ब्रजेश गंझू, मुकेश गंझू, कोहराम, आक्रमण उर्फ रवींद्र गंझू, अनिश्चय गंझू, भीखन गंझू, दीपू सिंह उर्फ भीखन तथा बिंदू गंझू को आरोपित किया गया था। इसके बाद छापेमारी में 11 जनवरी 2016 को चतरा जिले के टंडवा स्थित मसिलांग गांव निवासी एक उग्रवादी विनोद कुमार गंझू के घर से लेवी के 91 लाख 75 हजार 890 रुपये नकद बरामद हुए थे। विनोद कुमार गंझू मगध आपरेिटंग कमेटी का अध्यक्ष था।
इसके बाद टंडवा के विंगलेट निवासी प्रदीप राम के आवास से पुलिस ने 57 लाख, 57 हजार 710 रुपये जब्त किए थे। अनुसंधान के बाद चतरा पुलिस ने 10 मार्च 2016 को गिरफ्तार आरोपित विनोद कुमार गंझू, मुनेश गंझू, बिरबल गंझू, प्रदीप राम और बिंदू गंझू के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। एनआइए ने अनुसंधान के क्रम में अब तक दो पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है, जिसमें फरार गोपाल सिंह भोक्ता सहित 21 आरोपित किए गए हैं। एनआइए ने छानबीन के क्रम में ही अनलॉफुल एक्टिविटीज अधिनियम में मिली शक्तियों के आधार पर लेवी-रंगदारी से बनाई गई इस अचल संपत्ति को जब्त किया है।
अब तक नक्सलियों-उग्रवादियों की अरबों की संपत्ति जब्त कर चुकी हैं सरकारी एजेंसियां
राज्य व केंद्र सरकार की एजेंसियों ने नक्सलियों-उग्रवादियों के विरुद्ध लेवी-रंगदारी से बनाई गई चल-अचल संपत्तियों पर पिछले पांच साल के भीतर बड़ी कार्रवाई की है। अब तक उनकी अरबों की संपत्ति जब्त कर चुकी है। एनआइए व ईडी के अलावा झारखंड पुलिस ने भी राज्य के 32 नक्सलियों-उग्रवादियों की करोड़ों की संपत्ति जब्त कर चुकी है। पूर्व में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के उग्रवादी विनोद कुमार गंझू, प्रदीप राम व इनके परिवार के सदस्यों के नाम पर हजारीबाग में बनाई गई कुल 2.89 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।
इनमें आरोपितों के घर से जब्त 1.49 करोड़ रुपये नकद, 89 लाख रुपये के पांच वाहन व आठ बैंक खातों में पड़े 35.18 लाख रुपये शामिल थे। इसके बाद भी ईडी ने 25 फरवरी 2021 को 2.03 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी। ईडी के अनुसार जब्त चल-अचल संपत्ति में विनोद गंझू की एक करोड़ 54 लाख 90 हजार 421 रुपये की जमा राशि व गाड़ियां, प्रदीप गंझू की एक करोड़ 51 लाख 03 हजार 617 रुपये की जमा राशि व गाड़ियां तथा जमीन व बिंदेश्वर गंझू की दो करोड़ 03 लाख रुपये की चल व अचल संपत्ति शामिल थी।
झारखंड पुलिस जब्त कर चुकी है इनकी संपत्ति
-सीपीआइ माओवादी : इस संगठन के 13 नक्सलियों की संपत्ति जब्त की गई है। इनमें एक रिजनल कमांडर, एक जोनल कमांडर, पांच सब जोनल कमांडर, एक एरिया कमांडर व पांच सदस्य शामिल हैं। ढाई साल में इनकी 83.53 एकड़ भूमि, जिसकी कीमत 73 लाख 62 हजार 800 रुपये है, जब्त की गई है। इतना ही नहीं, इनके आठ भवन भी जब्त किए गए हैं, जिसकी कीमत एक करोड़, 96 लाख 19 हजार 443 रुपये है। कुल 473.9 ग्राम सोना, 56 लाख 71 हजार 316 रुपये नकदी व छह लाख की गाड़ी भी जब्त की जा चुकी है।
-पीएलएफआइ : उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया के चार उग्रवादियों की संपत्ति जब्त की गई है। इनमें एक जोनल कमांडर, दो सब जोनल कमांडर व एक सदस्य शामिल है। इनकी 2.15 एकड़ भूमि, दो भवन, जिसकी कीमत चार लाख 36 हजार रुपये है, आठ गाड़ियां व एक लाख 73 हजार 893 रुपये जब्त किए गए हैं।
-टीएसपीसी : उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी के 16 उग्रवादियों की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। इनमें चार रिजनल कमांडर, एक सब जोनल कमांडर, तीन जोनल कमांडर, एक एरिया कमांडर व सात सदस्यों की संपत्ति शामिल है। इनकी 123 एकड़ भूमि, आठ बिल्डिंग, जिसकी कीमत चार करोड़ 19 लाख 354 रुपये है, 26 वाहन व 41 लाख 14 हजार रुपये जब्त किए गए हैं।
झारखंड में लेवी के पैसे से आलीशान जिंदगी जी रहे नक्सली, चला रहे करोड़ों का व्यवसाय - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)
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