
बड़बिल, संवाददाता
केंदुझर तथा सुंदरगढ़ जिला में पिछले दो महीनों से केंदुझर जिले की हजारों ट्रक तथा डम्पर का काम काज नहीं के बराबर रह गया है। पूरे बाजार की आर्थिक स्थिति तबाह हो गयी है । इस कारण शुक्रवार की सुबह केंदुझर जिले बड़बिल, जोड़ा, भद्रासाही, केंदुझर, गुआली तथा आंचलिक ट्रक मालिक संघो के द्वारा बड़बिल के दी वर्ल्ड होटल में एक अति आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में जोड़ा ट्रक मालिक संघ के सभापति माता प्रसाद जैसवाल, सचिव सुशांत बारीक, बड़बिल ट्रक मालिक संघ के सभापति विकास सरावगी,सचिव चंद्र गुप्त प्रसाद,आंचलिक ट्रक मालिक संघ के सभापति मनोज महंतो,सचिव राजेन्द्र बारीक,केंदुझर ट्रक मालिक संघ के सभापति रमाकांत नायक,सचिव सूर्या कर,तथा बड़बिल संघ के उप सभापति दिलु स्वामी और संयोजक देबू पटनायक सहित कई लोग मौजूद थे।
उक्त बैठक में सभी ने ट्रक तथा डम्पर के काम बंद हो जाने के विषय पर चर्चा की और इस पर चिंता जतायी। वहीं जोड़ा ट्रक मालिक संघ के सचिव सुशांत ने कहा की पिछले 2 महीनों से गाड़ियों का काम न के बराबर रह गया है । गाड़ी मालिक गाड़ियों की क़िस्त नहीं दे पा रहे हैं । बैंक तथा फाइनेंस कंपनी उन्हें क़िस्त भरने के लिए दबाब डाल रही है। गाड़ी मालिक अपना घर तक नहीं चला पा रहे हैं, क्योंकि खदान वाले पूरा माल रेलवे से भेजने में लगे हैं। कहीं पाइपलाइन और कन्वेयर से माल परिवहन हो रहा है जिस कारण जिले की हजारों गाड़ियों का काम ठप पड़ गया है । गाड़ी चालक, हेल्पर बेरोजगार हो रहे हैं । क्षेत्र की पार्टस दुकान, टायर दुकान, गैराज, होटल सभी वयापार भी मंदी कि मार झेल रही है। 2012 में केंदुझर के जिलापाल तथा जिले के ट्रक मालिक संघों के बीच एक समझौता हुआ था। जिसके अनुसार क्षेत्र में 40 प्रतिशत खनिज पदार्थ की ढुलाई या परिवहन कार्य ट्रकों के द्वारा किया जायेगा। कई नए खदान मालिक आने के बाद यह पूरी तरह से बंद हो गया है। इसलिए इस बैठक मे निर्णय लिया गया है की सड़क मार्ग से 50 प्रतिशत खनिज पदार्थ का ढुलाई कार्य हो, इसके लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, विभिन्न खनिज विभाग, खदान मालिक तथा इज्मा को एक ज्ञापन भेजा जाएगा।
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