
जागरण संवाददाता, रामगढ़ : केजीवीके एवं एचडीए़फसी बैंक के परिवर्तन कार्यक्रम के अंतर्गत हरित उद्यमिता विकास परियोजना के तहत रामगढ़ जिले के गांवों में समृद्धि लाने के लिए कई योजनाएं लाई गई है। किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कृषि को व्यवसाय के रूप मे लेना होगा। इससे किसान अधिक आय प्राप्त कर उद्यमी बन सकते हैं। यह बातें केजीवीके के सचिव डा अरविद सहाय ने कही। स्थानीय थाना चौक में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह परियोजना अपने ग्रामीण युवाओं एवं कृषकों के बीच प्रशिक्षण के माध्यम से इस सोच को विकसित करेगी। इस परियोजना के अंतर्गत उच्च मूल्य वाले कृषि जैसे की स्ट्रॉबेरी, ड्रैगनफ्रूट, किवी, मशरूम उत्पादन, रसायन मुक्त सब्जी व मछली व्यवसाय की खेती के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त कृषक एक रोल मॉडल के रूप मे उभर कर अन्य कृषकों को भी इस उच्च आय वाले कृषि में उन्हें प्रेरित कर सकते हैं। परिवर्तन कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित किसानों को स्ट्रॉबेरी की व्यवसायिक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। इसके फलस्वरूप उक्त किसानों ने सफलता पूर्वक उत्पादन कर अच्छी आमदनी प्राप्त किया। केजीवीके के उप महाप्रबंधक संदीप विश्वकर्मा ने बताया कि इस परियोजना के द्वारा तीन वर्षो मे झारखंड के विभिन्न जिले मे लगभग 3000 चयनित कृषकों को हरित आधारित उद्यम मे प्रशिक्षण देकर करीब 300-500 के करीब हरित उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। रामगढ़ जिले के पतरतू प्रखंड के कंडेर, सिउर, सिधवारकला और कच्चूदाग, दुलमी प्रखंड के गोडातू, कुसुंभा, भयपुर, उसरा एवं जामसिघ तथा रामगढ़ प्रखंड के बनखेता, दोहाकातु, लोलो, बुढ़ाखुखरा एवं गंडके ग्राम के किसानों को उच्च वरीयता दी जाएगी। मौके पर केजीवीके के परियोजना प्रबंधक सोमेन महतो, प्रबंधक प्रशिक्षण राजेश कुमार, उप प्रबंधक विवेक सिंह, रमेश महतो, कार्तिक कुमार आदि मौजूद थे।
Edited By: Jagran
किसानों को समृद्ध बनाने के लिए कृषि को व्यवसाय के रूप मे लेना जरूरी : सहाय - दैनिक जागरण
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