
त्योहारों का सीजन शुरु होते ही बाजारों में रौनक नजर आने लगी है। हालांकि कोरोना महामारी के कारण वो रौनक नजर नहीं आ रही जैसे दो साल पहले होती थी। त्योहारों से जुड़ा व्यापार और व्यवसाय इसबार भी मंदा नजर आ रहा है। ऐसा सिर्फ ग्रामीण इलाकों में ही नहीं बल्कि बड़े शहरों में भी देखने को मिल रहा है।
15 अक्टूबर को दशहरा है लेकिन दिल्ली में रावण का पुतला बनाने वालों का कहना है कि कोरोना के कारण इसबार पहले के मुकाबले कम ऑर्डर मिले हैं। पुतला बनाने वाले राम गोपाल ने कहा- पहले हमें बड़ी संख्या में पुतलों का ऑर्डर मिलता था लेकिन इस साल कम ऑर्डर मिल रहे हैं।
राम गोपाल ने कहा- दिल्ली के आसपास के राज्यों से तो बेहद कम ऑर्डर मिले हैं, बिक्री एकदम रुक गई है, कोरोना के कारण व्यवसाय एकदम नहीं चल रहा है। एक अन्य दुकानदार ने कहा- पहले रावण के कस्टमाइज पुतलों की अच्छी डिमांड थी लेकिन अब कोई ऑर्डर नहीं मिलता। पुतला बनाने के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला कच्चा माल भी अब पहले के मुकाबले महंगा हो गया है।
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गौरतलब है कि देश में इस वक्त नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है, 15 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने मंदिर में भक्तों के जाने की अनुमति तो दे दी है लेकिन 50 से अधिक की संख्या नहीं होनी चाहिए। हालांकि अनुमति मिलने के बावजूद भी लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बच रहे हैं।
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बता दें कि दिल्ली में डीडीएमए ने नदी के किनारे छठ पूजा पर भी रोक लग दी है। सीएम केजरीवाल ने डीडीएमए के इस फैसले पर कहा था कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर समारोह की अनुमति नहीं देना स्वागत योग्य फैसला है। उन्होंने भाजपा पर एक संवेदनशील मुद्दे पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया था।
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महामारी के चपेट में आया पुतला बनाने वालों का व्यवसाय, दिल्ली में घटी रावण की मांग - Republic Bharat
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