गाजीपुर। वरिष्ठ संवाददाता
जनपद ईंट निर्माता समिति की बैठक राही पर्यटक में हुई जिसमें उद्यमियों ने कारोबार की दुश्वारियों पर मंथन किया। वक्ताओं ने कहा कि ईंट भट्ठों पर जीएसटी पांच प्रतिशत से बढ़ाकर बारह प्रतिशत कर दिया गया है जबकि दो वर्ष कोरोना महामारी से यह व्यवसाय घाटे में चल रहा है। जीएसटी में वृद्धि कर भट्टा स्वामियों को राहत की जगह व्यवसाय पर कुठाराघात किया गया है, जिसे भट्ठा स्वामी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अध्यक्ष रजनीकांत राय ने कहा कि कोयले का रेट दोगुना हो गया है। पहले जो कोयला सात हजार की दर में मिलता था, अब उसका दाम चौदह हजार हो गया है। इससे इस व्यवसाय को आगे चलाना असंभव हो जाएगा। कहा कि जनपद में लगभग 600 ईंट भट्ठे है, जिनपर सैकड़ों श्रमिक कृषि कार्य से खाली होकर रोजगार पाते है। उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी। इस व्यवसाय से जिला परिषद, खनन (विनियम कर) जीएसटी के रूप में करोड़ों रुपये का राजस्व जनपद को प्राप्त होता है। अध्यक्ष रजनीकांत राय ने जीएसटी पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। महामंत्री लल्लन सिंह ने समिति का आय-व्यय एवं संगठन द्वारा कराए गए कार्यों की समीक्षा की। बैठक के बाद वित्तमंत्री को सम्बोधित जीएसटी संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से उद्योग विभाग के प्रभारी अजय कुमार गुप्ता को सौंपा गया। इस अवसर पर शशिपाल सिंह घूरा, पवन राय, सुनील कुशवाहा, कमलेश राय, श्यामनरायन सिंह, विनोद चौहान, मुन्ना यादव, मनोज सिंह, आसिफ अली, दीपचंद आदि उपस्थित थे। अध्यक्षता जमालुद्दीन तथा संचालन महामंत्री लल्लन सिंह ने किया। अंत में अध्यक्ष रजनीकांत राय ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन किया।
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