
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया, आमतौर पर शहर में जुलाई में पर्यटकों की अच्छी भीड़ रहती थी, लेकिन इस बार लगातार हुई भारी बारिश के कारण पूरे महीने बहुत कम पर्यटक पहुंचे। कई लोगों ने एडवांस बुकिंग कर रखी थी, लेकिन बारिश के कारण ज्यादातर लोगों ने इसे रद्द करा दिया। इस समय भी लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण यहां ठहरे पर्यटक भी लौट रहे हैं। वहीं हिमाचल में आई आपदा के कारण भी लोगों में दहशत है और वे पहाड़ी इलाकों में आने से कतरा रहे हैं।
उन्होंने मांग करते हुए कहा, इस समय शहर का होटल उद्योग गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा। होटल के रखरखाव का खर्च और स्टाफ का वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में होटल व्यवसायियों की परेशानी को देखते हुए छह महीने के लिए बिजली के बिलों का फिक्स चार्ज पूरी तरह खत्म किया जाए। पानी के बिलों पर छह माह तक पचास फीसदी छूट दी जाए और होटलियर के बैंक ऋण पर छह महीने तक कोई ब्याज नहीं लिया जाए। इसके साथ ही एक साल तक लाइसेंस फीस भी माफ की जाए। इस दौरान उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहनी, मसूरी होटल एसोसिएशन के महासचिव अजय भार्गव, शैलेंद्र कर्णवाल मौजूद रहे।
Dehradun News: होटल व्यवसाय ठप, बिजली-पानी बिल और बैंक ऋण में छूट देने की मांग - अमर उजाला
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