एसबीएम बैंक इंडिया (SBM bank india)
एसबीएम बैंक इंडिया (SBM bank india) अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए फिनटेक और गैर-बैंकिंग संस्थाओं के साथ साझेदारी पर जोर दे रही है.
नई दिल्ली: मॉरीशस सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एसबीएम बैंक इंडिया (SBM bank india) अपने व्यवसाय को बढ़ाने के लिए फिनटेक और गैर-बैंकिंग संस्थाओं के साथ साझेदारी पर जोर दे रही है और फिलहाल अधिग्रहण जैसे कदमों से शाखाएं बढ़ाने में उसकी कोई दिलचस्पी नहीं है, जैसा डीबीएस बैंक इंडिया ने किया था. बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी सिद्धार्थ रथ ने पीटीआई-भाषा को बताया कि एसबीएम बैंक इंडिया के विभिन्न बैंकिंग लेनदेन में सहायता करके देनदारियों के संग्रह और बुकिंग शुल्क के माध्यम से कारोबार बढ़ाना चाहता है.
उन्होंने कहा कि आगे चलकर किसी को यह नहीं पता कि एसबीएम का स्वरूप क्या होगा, लेकिन यह अपने पितृ समूह स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस के तहत ही होगा. इस तरह उन्होंने एक रणनीतिक साझेदारी, एक सार्वजनिक निर्गम या डीबीएस जैसे अधिग्रहण की संभावना से भी इनकार नहीं किया.
आपको बता दें डीबीएस बैंक ने पिछले साल निजी क्षेत्र के लक्ष्मी विलास बैंक का अधिग्रहण किया था, जिसकी 563 शाखाएं हैं. रथ ने कहा, ‘‘डीबीएस की अपनी रणनीति है. हां, उन्होंने (डीबीएस) ने विलय-अधिग्रहण किया है... हम भी ऐसा करना चाह रहे हैं, लेकिन भागीदारों के माध्यम से.’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी ऐसी साझेदारी या सौदों में दिलचस्पी होगी, जहां स्वामित्व बदलता है, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल वह प्रौद्योगिकी-आधारित और डिजिटल मंचों के माध्यम से वृद्धि पर जोर दे रहे हैं.
उन्होंने कहा कि आगे चलकर किसी को यह नहीं पता कि एसबीएम का स्वरूप क्या होगा, लेकिन यह अपने पितृ समूह स्टेट बैंक ऑफ मॉरीशस के तहत ही होगा. इस तरह उन्होंने एक रणनीतिक साझेदारी, एक सार्वजनिक निर्गम या डीबीएस जैसे अधिग्रहण की संभावना से भी इनकार नहीं किया.
SBM Bank भारत में बढ़ाएगा अपना व्यवसाय, जानें किस कंपनी के साथ बना रहा पार्टनरशिप का प्लान! - News18 हिंदी
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