
मनु शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, मनाली (कुल्लू) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 21 May 2021 05:00 AM IST
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बागवान भुवनेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि उनके कॉटेज हैं, मगर कोविड-19 के चलते कुल्लू के पर्यटन व्यवसाय को बड़ा झटका लगा है। कोरोना कर्फ्यू के बाद पर्यटन गतिविधियां बंद हो गई हैं। अब लोग अपनी आर्थिकी की मजबूती के लिए सेब पर फोकस कर रहे हैं। पर्यटन में हुए घाटे को पूरा करने के लिए लोग बगीचों में सेब की अच्छी फसल के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। खखनाल गांव के रोशन ठाकुर, गोविंद शर्मा, संजय और प्रेम ने बताया कि तीन माह से कोरोना के चलते पर्यटन व्यवसाय को भारी आर्थिक हानि हुई है। घाटी के लोगों के पास पर्यटन और बागवानी ही आय का मुख्य स्रोत हैं।
फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान प्रेम शर्मा ने कहा कि पर्यटन के बाद कुल्लू के लोगों की उम्मीद सेब पर टिकी है। जिला कुल्लू में 95 फीसदी लोग बागवानी से जुड़े हैं तथा मुख्य आय का साधन सेब है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सेब सीजन तक देश में कोरोना से हालत ठीक हो जाएंगे। सेब सीजन में बागवानों को समस्या न आए, इसके लिए एसोसिएशन जिला प्रशासन के साथ उचित प्रबंध कर रही है। कहा कि एसोसिएशन बिना किसी नफा-नुकसान पर बागवानों को दवाईयां उपलब्ध करवा रही है।
हिमाचल में पर्यटन व्यवसाय चौपट, अब सेब सीजन पर टिकी आस - अमर उजाला - Amar Ujala
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