
अमरावती/दि.27 – दीपावली पर्व से पूर्व सभी घर की साफ सफाई करने जुट जाते हैं. घर की नादुरुस्त, टाकाऊ वस्तु, रद्दी, कपड़े, फूटे हुए बर्तन फेक दिए जाते हैं. मात्र इन टाकाऊ वस्तुओं से ही किसी को अच्छा व्यवसाय मिलता है. दीपावली पर अनेक लोग कबाड़ का व्यवसाय करते हैं. विशेष यह कि दीपावली के एक महीने के सीजन में लाखों रुपयों का व्यवसाय होता है तो 500 से अधिक लोगों को इस व्यवसाय से रोजगार मिलता है.
दीपावली में प्रत्येक नागरिक घर की साफ सफाई को महत्व देता है. इतना ही नहीं तो शासकीय कार्यालय में भी रद्दी के अतिरिक्त अनेक निकामी वस्तु बाहर निकाल देते हैं. इस कारण कबाड़ खरीदी करने वाले व्यवसायी गली-गली घुमते नजर आते हैं. नागरिक भी घर के फालतू वस्तुओं से पैसे मिलने के कारण प्लास्टिक की बोतलों के साथ ही अनेक वस्तु वहीं रद्दी जमा कर वे बेचते हैं. इसके अतिरिक्त रद्दी के बदले में रंगोली का व्यवसाय किया जाता है. दीपावली में ही यह व्यवसाय फलता फूलता है.
लेकिन नियमित व्यवसाय करने वालों की संख्या कम है. दिवाली में ही अच्छा व्यवसाय होने की उम्मीद के रहते इस व्यवसाय पर भी 50 प्रतिशत असर हुआ है. कोरोना काल में भी लोगों द्वारा घरों की साफ सफाई किए जाने से उस समय भी व्यवसाय जोरदार था. घर में रहने से नागरिकों ने गत दिवाली में भी लाखों रुपए का व्यवसाय हुआ. अब मात्र सिर्फ घर के छोटी-मोटी टूटी हुई वस्तुओं व रद्दी का ह व्यवसाय हो रहा है. व्यवसायियों की संख्या बढ़ने से लाखों में होने वाला व्यवसाय कम मात्रा में हुआ है. शासकीय कार्यालयों में भी कबाड़ की नीलामी भी नहीं हुई है.
कबाड़ से होता है लाखों का व्यवसाय - Mandal News
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