Rechercher dans ce blog

Wednesday, November 17, 2021

दोहरे संकट में किसान, बकरी पालन व्यवसाय भी संकट में, कम हो गया दाम - TV9 Hindi

दोहरे संकट में किसान, बकरी पालन व्यवसाय भी संकट में, कम हो गया दाम

बकरी पालन (फाइल फोटो)

किसानों पर संकट का सिलसिला पिछले साल से लगातार जारी है. कभी भारी बारिश तो कभी कृषि उपज के गिरते भाव से किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है. अत्यधिक वर्षा के कारण महाराष्ट्र में ज्यादातर लोगों का मुख्य व्यवसाय कृषि का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था. जिसके कारण किसान अभी तक उबरे नहीं हैं. अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है. अब बकरी पालन में जुटे लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जो कि एक साइड बिजनेस है.

कम हुआ दाम

अब यह काम अधिक महंगा हो गया है. बकरियों की मांग कम होने से रेट घटकर आधे रह गए हैं. जिन बकरियों की कीमत कभी 20,000 रुपये हुआ करती थी. अब घटकर 8,000 रुपये हो गई है. नतीजतन किसानों के साइड बिजनेस को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

बकरी पालन को कृषि के सहायक काम के रूप में देखा जाता है. विशेष करके युवा किसानों का रुझान बकरी पालन की ओर है. इसके अलावा उस्मानाबाद में बकरी का बाजार है. तो वहीं बीड जिले में बकरी का कारोबार बढ़ने लगा था. लेकिन पिछले कुछ दिनों में बकरियों की मांग में गिरावट देखी जा रही है. बकरी के दाम आधे हो गए हैं. ऐसे में कारोबारियों को परेशानी हो रही है. दूसरी ओर प्रकृति की मार के कारण कृषि उत्पादन में भी तेजी से गिरावट आ रही है.

सोयबीन की उत्पादकता प्रभावित

मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश से किसान बुरी तरह प्रभावित हुए थे. सोयाबीन मुख्य फसल मानी जाती है. जो भारी बारिश और बाढ़ के कारण खराब हो गई थी. जिसके कारण उत्पादन में भारी गिरावट आई है. जबकि प्रति एकड़ 10 क्विंटल की उम्मीद थी. जबकिसोयाबीन की उपज 3 से 4 क्विंटल प्रति एकड़ ही हुई है.

कपास को भी नुकसान

इस साल बारिश से कपास की फसल भी बड़े पैमाने पर खराब हुई है. वहीं अत्यधिक बारिश से कपास के साथ साथ अरहर जैसी प्रमुख फसलों को नुकसान पहुंचा है. जिसके बाद से कई छोटे किसान बकरी पालन व्यवसाय करने पर ध्यान देने लगे थे. लेकिन अब यह काम संकट में नजर रहा है.

मुआवजे का इंतजार कर रहे किसान

आर्थिक संकट में फंसे किसानों को फसल बीमा और सब्सिडी दोनों पर निर्भर रहना पड़ता है. दिवाली से पहले कहा गया था कि मुआवजा किसानों के खातों में जमा कर दिया जाएगा. लेकिन अब तक किसान मुआवजे का इंतजार कर रहे हैं. इसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

ये भी पढ़ें:नंदुरबार बाजार में अच्छी आवक के बावजूद बंद हुई मिर्च की नीलामी, जानिए क्या है वजह?

Adblock test (Why?)


दोहरे संकट में किसान, बकरी पालन व्यवसाय भी संकट में, कम हो गया दाम - TV9 Hindi
Read More

No comments:

Post a Comment

सोलर प्लांट से बिजली का उत्पादन करेंगे हनुमान, पप्पू व छोटेलाल का होगा खुद का व्यवसाय - Patrika News

[unable to retrieve full-text content] सोलर प्लांट से बिजली का उत्पादन करेंगे हनुमान, पप्पू व छोटेलाल का होगा खुद का व्यवसाय    Patrika New...