Publish Date: | Sun, 05 Jun 2022 02:24 PM (IST)
इंदौर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड द्वारा भारतीय दिवाला पेशेवर संस्थान आइसीएआइ के सहयोग से देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सभागृह में दिवाला पेशे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम भारतीय दिवाला पेशेवरों के सहयोग से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में दिवाला पेशेवर के रूप में भविष्य के अवसरों और दिवाला व दिवालियापन संहिता के बारे में जानकारी दी गई। आइबीसी पर तकनीकी सत्र में दिवाला पेशेवर डा. जीके सारस्वत (सेवानिवृत्त आइएएस) और दिवाला पेशेवर टीना सारस्वत पांडे (सीए) ने जानकारी दी। उन्होंने इंसाल्वेंसी व्यवासायिक की भूमिका, रेगुलेटरी फ्रेम वर्क, इंसाल्वेसी व्यवसायी बनने के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अब 10 साल के सीए, सीएस और प्रबंधन में 15 साल के अनुभव की आवश्यकता नहीं है। अब ग्रेजुएट इंसाल्वेंसी प्रोग्राम के जरिए भी प्रवेश होता है। यह कार्यक्रम उन लोगों के लिए अपनी तरह का पहला कार्यक्रम था जो इसे भविष्य में करियर बनाने के इच्छुक हैं या भारत में और विदेशी अधिकार क्षेत्र में मूल्य श्रृंखला में अन्य भूमिकाएं निभाने की इच्छा रखते हैं।
करियर को आगे जाने में मदद करता है पाठ्यक्रम - इंसाल्वेंसी व्यवसाय संबंधी पाठ्यक्रम दो वर्ष का है। इसमें एक वर्ष के गहन आवासीय कक्षा कार्यक्रम तथा एक वर्ष अभ्यास के अत्याधुनिक कार्यक्रम में एक व्यावहारिक इंटर्नशिप भी शामिल है। अग्रणी आइपी और अन्य हितधारकों के साथ काम करने के अवसर प्रदान करता है जो स्नातकों को कौशल और अनुभव प्रदान करता है। यह उन्हें अपने करियर को अगले स्तर तक ले जाने और नियोक्ताओं के लिए विपणन क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा। यह आयोजन देशभर में विभिन्न शहरों में आयोजित किए जा रहे 75 कार्यक्रमों का एक हिस्सा था। कार्यक्रम में कुलपति रेणु जैन, निदेशक संगीता जैन, आइबीबीआई के राजेश तिवारी, डा. एमके आर्य सहित बड़ी संख्या में नागरिक भी शामिल हुए।
Posted By: Hemraj Yadav
इंसाल्वेंसी व्यवसाय और दिवाला पेशे पर इंदौर में हुआ जागरूकता कार्यक्रम - Nai Dunia
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