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इटावा। लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई एक जिला, एक उत्पाद योजना के तहत जिले के लोगों को ऋण लेकर उद्योग और सेवा स्तर की कंपनी डालने का मौका है। इसके लिए शैक्षिक योग्यता के लिए कोई बाध्यता नहीं है।
एक जिला, एक उत्पाद के तहत जिले से वस्त्र उद्योग चयनित है। इससे जुड़े उद्योग, सेवा और व्यवसाय के लिए ऋण देने की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत की इकारियों के लिए कुल लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 6.25 लाख जो भी कम अनुदान के रूप में दिया जाएगा। वहीं 25 लाख से अधिक एवं 50 लाख तक की कुल योजना के लिए 6.25 लाख अथवा परियोजना का 20 प्रतिशत जो भी अधिक हो अनुदान के रूप में लाभार्थी को देय होगी। डेढ़ करेड़ की परियोजना के लिए लागत का 10 प्रतिशत अधिकतम 20 लाख रुपये, जो भी कम होगा अनुदान रहेगा। सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को लागत का 10 प्रतिशत खुद जमा करना होगा। वहीं एससी, एससटी, अल्प संख्यक, महिला और दिव्यांगजन को कुल लागत का 5 प्रतिशत जमा करना होगा। आवेदक उप्र का निवासी होने के साथ ही उसकी उम्र कम से कम 18 साल हो।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। आवेदक डिफाल्टर या पहले से भारत सरकार या प्रदेश सरकार की किसी स्वरोजगार योजना से लाभान्वित न हो। योजना का लाभ लेने के लिए www.msme.up.gov.in पर 10 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार ने बताया कि इस योजना के लिए कोई शैक्षिक योग्यता की बंदिश नहीं है। ऐसे में कोई भी आवेदन करके इसका लाभ ले सकता है।
एक जिला, एक उत्पाद के तहत जिले से वस्त्र उद्योग चयनित है। इससे जुड़े उद्योग, सेवा और व्यवसाय के लिए ऋण देने की व्यवस्था की गई है। योजना के तहत 25 लाख रुपये तक की कुल परियोजना लागत की इकारियों के लिए कुल लागत का 25 प्रतिशत अधिकतम 6.25 लाख जो भी कम अनुदान के रूप में दिया जाएगा। वहीं 25 लाख से अधिक एवं 50 लाख तक की कुल योजना के लिए 6.25 लाख अथवा परियोजना का 20 प्रतिशत जो भी अधिक हो अनुदान के रूप में लाभार्थी को देय होगी। डेढ़ करेड़ की परियोजना के लिए लागत का 10 प्रतिशत अधिकतम 20 लाख रुपये, जो भी कम होगा अनुदान रहेगा। सामान्य श्रेणी के लाभार्थी को लागत का 10 प्रतिशत खुद जमा करना होगा। वहीं एससी, एससटी, अल्प संख्यक, महिला और दिव्यांगजन को कुल लागत का 5 प्रतिशत जमा करना होगा। आवेदक उप्र का निवासी होने के साथ ही उसकी उम्र कम से कम 18 साल हो।
इस योजना का लाभ लेने के लिए कोई शैक्षिक योग्यता की बाध्यता नहीं है। आवेदक डिफाल्टर या पहले से भारत सरकार या प्रदेश सरकार की किसी स्वरोजगार योजना से लाभान्वित न हो। योजना का लाभ लेने के लिए www.msme.up.gov.in पर 10 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार ने बताया कि इस योजना के लिए कोई शैक्षिक योग्यता की बंदिश नहीं है। ऐसे में कोई भी आवेदन करके इसका लाभ ले सकता है।
ऋण लेकर लगाएं उद्योग, करें व्यवसाय - अमर उजाला
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